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कहते हैं कि छोटे बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के साथ छोटी परेशानियां और बड़े बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के साथ बड़ी परेशानियां आती हैं। लेकिन जो बचà¥â€à¤šà¥‡ न छोटे होते और न बड़े होते यानि 6 से 9 साल के बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ की परवरिश में और à¤à¥€ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤ बरतनी पड़ती है।
अगर आपको लगता है कि बचà¥â€à¤šà¥‡ छोटे हैं और अà¤à¥€ आपको उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ कà¥à¤› जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समà¤à¤¾à¤¨à¥‡ या सिखाने की जरूरत नहीं है तो आप गलत हैं। यही उमà¥à¤° होती है जब बचà¥â€à¤šà¥‡ की अचà¥â€à¤›à¥€ परवरिश और संसà¥â€à¤•ारों की नींव रखी जाती है। इसी समय बचà¥â€à¤šà¥‡ को अचà¥â€à¤›à¥€ आदतें à¤à¥€ सिखानी होती हैं जो जिंदगीà¤à¤° उसके साथ रहती हैं।
यदि आपका बचà¥â€à¤šà¤¾ 6 से 9 साल का है, तो यहां जानें उसकी पेरेंटिंग में पेरेंटà¥à¤¸ को किन बातों का धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिठऔर उसे किस तरह की आदतें डालनी चाहिठताâ€à¤•ि वो आगे चलकर à¤à¤• सफल और समà¤à¤¦à¤¾à¤° इंसान बन सके।
​खाने का समय
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ की ईटिंग हैबिटà¥à¤¸ और à¤à¥‚ख में अचानक बदलाव आना नॉरà¥à¤®à¤² होता है। आपको इस समय बचà¥â€à¤šà¥‡ के खाने में जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हेलà¥â€à¤¦à¥€ चीजों को शामिल करने की कोशिश करनी है।
आप उसे दूध, दही, सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और चीज आदि खिलाà¤à¤‚ और जंक फूड से दूर रखें। हालांकि, बचà¥â€à¤šà¥‡ को जबरदसà¥â€à¤¤à¥€ न खिलाà¤à¤‚ और उसे अपना खाना à¤à¤‚जॉय करने दें।
​अपनी सेफà¥à¤Ÿà¥€ समà¤à¤¾à¤à¤‚
इस उमà¥à¤° के बचà¥â€à¤šà¥‡ सबसे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ शैतान होते हैं इसलिठइनके साथ à¤à¤•à¥â€à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट होने का à¤à¥€ सबसे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खतरा रहता है। इसलिठइस समय बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को उनकी खà¥à¤¦ की सेफà¥à¤Ÿà¥€ के बारे में सिखाना चाहिà¤à¥¤
बचà¥â€à¤šà¥‡ को रोड़ कà¥à¤°à¥‰à¤¸ करना सिखाà¤à¤‚ और कोई अजनबी अगर उससे आकर बात करता है, तो उसे किस तरह उससे बात करनी है, ये सब चीजें सिखाà¤à¤‚।
​सà¥â€à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ टाइम की लिमिट
आजकल बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के लिठतरह-तरह की टेकà¥â€à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€ आ गई हैं लेकिन बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ का इनका इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² पेरेंटà¥à¤¸ की देख-रेख में ही करनी चाहिà¤à¥¤ बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के लिठटीवी, सà¥â€à¤®à¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤«à¥‹à¤¨ और टैबलेट आदि गैजेटà¥à¤¸ के कà¥à¤› नà¥à¤•सान à¤à¥€ हैं इसलिठउनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक इन चीजों का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² नहीं करने देना चाहिà¤à¥¤
गैजेटà¥à¤¸ के इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से बचà¥â€à¤šà¤¾ आलसी और गà¥à¤¸à¥â€à¤¸à¥ˆà¤² हो जाता है। इसलिठबचà¥â€à¤šà¥‡ के लिठसà¥â€à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ टाइम की à¤à¤• लिमिट बनाà¤à¤‚। इसकी बजाय उसे कोई कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤µ काम करवाà¤à¤‚।
फिजीकल à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ है जरूरी
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के लिठदिनà¤à¤° में कम से कम à¤à¤• घंटे तो फिजीकल à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ जैसे कि रनिंग या कोई सà¥â€à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿ जरूर खेलने के लिठकहें। बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के लिठआउटडोर गेमà¥â€à¤¸ बहà¥à¤¤ फायदेमंद होते हैं। इससे बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ की हाइट बढ़ने में मदद मिलती है और मांसपेशियां à¤à¥€ मजबूत होती हैं।
​पढ़ाई पर दें धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨
इस उमà¥à¤° में तो बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ ने पढ़ाई करना शà¥à¤°à¥‚ ही किया होता है इसलिठपेरेंटà¥à¤¸ को उनकी पढ़ाई पर à¤à¥€ धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ देना चाहिà¤à¥¤ बचà¥â€à¤šà¥‡ को à¤à¥€ पढ़ाई और होमवरà¥à¤• के बारे में जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पता नहीं होगा इसलिठउसे आपकी हेलà¥â€à¤ª की जरूरत होगी।
आप उसे टà¥à¤¯à¥‚शन à¤à¥€ दिलवा सकते हैं। इससे उसे अपनी पढ़ाई को समà¤à¤¨à¥‡ में काफी मदद मिलेगी।
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